Charles Lyell

Charles Lyell biography in hindi

चार्ल्स लायल की जीवनी

परिचय (Introduction)

चार्ल्स लायल ने जियोलॉजी भूगर्भ विज्ञान के क्षेत्र में प्रमुखता से कार्य किया है | पृथ्वी के उत्पत्ति संबधी कई सारी तथ्यों का अन्वेषण किया और पृथ्वी के आंतरिक भाग में हो रहे निरंतर परिवर्तन को भी समझाया | चार्ल्स ने पृथ्वी के आंतरिक परिवर्तन से जलवायु में हो रहे परिवर्तन क्षेत्र मे विशेष योगदान दिया है | उनके द्वारा प्रतिपादित Uniformitarianism ने पृथ्वी के उत्पत्ति संबधी सिद्धांतो में अद्वितीय भूमिका निभाई। चार्ल्स की पुस्तक  principles of geology(1830…33) ने संपूर्ण विश्व में भूगर्भ विज्ञान की एक सर्वश्रेष्ठ  पुस्तक मानी जाती है।

जीवन(Life)

प्रारंभिक जीवन (Early Life)

चार्ल्स लायल एक समृद्ध परिवार में जन्मे थे। वो 10 भाई बहनों में सबसे बड़े थे | उनके पिता एक वकील और वनस्पति वैज्ञानिक थे। चार्ल्स के वैज्ञानिक बनने में उनके पिता का विशेष योगदान था | अपने पिता के कारण ही चार्ल्स की रुचि विज्ञान में होने लगी। 

चार्ल्स के पिता चार्ल्स लायल एक बुद्धिजीवी और प्रबुद्ध व्यक्ति थे। चार्ल्स का लालन पालन एक समृद्ध प्राकृतिक परिवेश में हुआ था | उनका घर शहर से काफी दूर शांत और वन्य जीवों और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थान पर था । चार्ल्स को ये परिवेश काफी प्रभावित करते थे, जिससे उनका प्रकृति के रहस्यों पर कार्य करने का मन किया।

लायल 1816 में एक्सीटर कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दाखिल हुए, वे. बैचलर ऑफ आर्ट्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1820 में मास्टर ऑफ आर्ट्स।

स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद लायल ने वकालत को अपना पेशा बनाया वे एक प्रसिद्ध वकील के रूप में कार्य करने लगे।

1823 में लायल ज्वाइंट सेक्रेटरी के रूप में जियोलॉजिकल सोसायटी में निर्वाचित हुए, अपने रुचि को ध्यान में रखते हुए लायल ने वकालत छोड़ दी और भूगर्भ विज्ञान और शोध को अपना पेशा बनाया और उसी पर कार्य करने लगे।

जीवन संघर्ष (Life struggle)

लायल भूगर्भ विज्ञान के प्रसिद्ध और विश्वविख्यात शोधकर्ता और अध्ययन कर्ता माने जाते है | उन्होंने Uniformitarianism के सिद्धांत को दुनिया के सामने रखा जिससे ये पता चला कि पृथ्वी की उत्पत्ति पृथ्वी के आंतरिक भाग में हो रही अनेक भौतिक, रासायनिक और जैविक अभिक्रिया का परिणाम है, और ये घटनाएं आज भी निरंतर प्रगति पर है, जिसके कारण धरातल पर अनेक परिवर्तन देखने को मिल रहे है,।

1832 में चार्ल्स लायल ने मैरी हॉर्नर से शादी की जो लियोनार्ड हॉर्नर की बेटी थी। जो लंदन के जियोलॉजिकल सोसायटी से जुडे प्रमुख व्यक्ति थे।

1840 में लायल यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा की यात्रा पर गए वहा लायल ने काफी समय शोध कार्या और अन्वेषण में बिताया।

लायल ने वहा दो प्रमुख पुस्तकों को लिखा,1866 में रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस के मेंबर भी बने।

1871 में ग्रेट शिकागो फायर लायल ही पहले व्यक्ति थे जिसने शिकागो पब्लिक लाइब्रेरी के लिए अपने किताबे दी।

1841 में लायल अमेरिकन फिलोसॉफिकल सोसायटी में एक मेंबर के रूप में नियुक्त हुए। लायल की पत्नी मैरी का 1873 में निधन हों गया और उसके दो वर्ष बाद 1875 में लायल की मृत्यु हो गई।

लायल को 1848 में नाइट की उपाधि से सम्मानित किया गया था माउंट लायल (Mount Lyell), Yosemite National park की सबसे ऊंची चोटी का नाम चार्ल्स लायल के ही सम्मान में रखा गया है।

क्रेटर लायल चंद्रमा पर और एक क्रेटर मंगल पर लायल के नाम पर ही रखा गया है।

योगदान उपलब्धियां

चार्ल्स लायल ने वैज्ञानिक खोजों और भूगर्भिक अध्यन में काफी प्रभावशाली और उम्दा कार्य किया है। चार्ल्स लायल की पुस्तक principle of geology अब तक की भूगर्भ विज्ञान पर लिखी गई सबसे अच्छी पुस्तक मानी गई है। चार्ल्स लायल अपने uniformitarianism सिद्धांत के कारण संपूर्ण विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय है।

चार्ल्स लायल को निम्न पुरस्कार प्रदान किए गए है…

  • रॉयल मेडल 1834
  • कोपले मेडल 1858
  • वोलास्टों मेडल 1866

लायल को उनके वैज्ञानिक शोधों के लिए नाइट की उपाधि भी मिली है।

निष्कर्ष (Conclusion)

चार्ल्स लायल के कार्यों के बहुमूल्य कार्यों के लिए संपूर्ण मानव समाज उनका ऋणी रहेगा। लायल ने वैज्ञानिक आधार और अनेक तथ्यों को विश्व कल्याण में उपयोग किया।उनके द्वारा किए गए विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन ने पृथ्वी के अनेक गूढ़ रहस्यों को जानने में मदद की उनके Uniformitarianism के सिद्धांत ने पृथ्वी की उत्पत्ति और उसमें निरंतर परिवर्तन के रहस्य को काफी नजदीक से देखा और बताया। उनकी लिखी कई सारी पुस्तकों ने अनेक तथ्यों और जानकारियों का निर्माण किया। लायल ने वैज्ञानिक समाज और संपूर्ण विश्व के लिए बहुमूल्य योगदान दिया है।

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