Hans Christian Ørsted

Hans Christian Ørsted biography in hindi

 हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड की जीवनी

परिचय(introduction)

 महान् वैज्ञानिक शोधकर्ता भौतिक शास्त्री, रसायनज्ञ, हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड के शोधों के कारण ही आज संपूर्ण विश्व विद्युत चुम्बकीय विचलन या electromagnetism से परिचय हो पाया है | ओर्स्टेड ने ही सर्वप्रथम विद्युत धारा और चुम्बक के बीच संबध को परिभाषित किया और प्रयोगों के माध्यम से electromagnetism की संकल्पना से विश्व को परिचित कराया | ओर्स्टेड ने रसायन विज्ञान के क्षेत्र में भी विशेष कार्य किए विशेष कर एल्यूमिनियम नामक धातु पर सबसे अधिक कार्य किए | ओर्स्टेड के कारण ही आज विज्ञान की एक नई शाखा के रूप में electromagnetism का जन्म हुआ।

जीवन

प्रारंभिक जीवन(Early Life)

श्रेष्ठ समाज का निर्माण वहा रहने वाले व्यक्तियों से होता है, हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड बचपन से कुशग्र बुद्धि से परिपूर्ण थे | बचपन में उनकी रुचि विज्ञान के तरफ ही थी, वो और उनके भाई पिता के फॉर्मेसी पर कार्य करते हुए | घर पर ही शिक्षा ग्रहण किए,1793 में ओर्स्टेड और उनके  भाई एंडर्सने, कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी में अध्ययन किए। 1796 में ओर्स्टेड अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भौतिक विज्ञान में सम्मानित हुए, 1799 में  हैंस ने अपनी डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। 1801 में हैंस को एक स्कॉलरशिप मिली जिसमे उन्हे पूरे यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों में और विज्ञान शोध संस्थान में भ्रमण का मौका मिला | हैंस ने भी इस मौके का भरपूर लाभ लिया। वो यूरोप के लगभग सभी प्रसिद्ध व्यक्ति और शोध केंद्र पर गए वहा अध्यन किया।

जर्मनी में ओर्स्टेड की मुलाकात जोहान विल्हेम रिटर सेहुई जो एक भौतिक शास्त्री थे | रिटर विद्युत और चुम्बकत्त्व के संबध में अध्ययन, शोध करने में प्रयासरत थे। ओर्स्टेड रिटर से काफी प्रभावित हुए।

1806 में ओर्स्टेड कोपहलेगन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुए | वहा ओर्स्टेड ने विद्युत धारा पर अपने शोध को जारी रखा वो विज्ञान के क्षेत्र में काफी सक्रिय भूमिका निभाने वाले व्यक्ति थे ।

ओर्स्टेड के देख रेख में उनके विश्वविद्यालय ने भौतिकी और रसायन के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया और कई सारी शोधशाला का निर्माण हुआ।

जीवन संघर्ष(Life struggle)

1820 में ओर्स्टेड अपने कक्षा में व्याख्यान दे रहे थे, उसी दौरान उन्होंने एक प्रयोग करना शुरू किया वो तांबे के तार के माध्यम से विद्युत धारा को प्रवाहित करने की कोशिश कर रहे थे | वही पास में एक कंपास रखा था, जिसके एक सिरे पर चुंबकीय सुई लगीं थी | विद्युत धारा के प्रवाह करने पर कंपास में विचलन प्रारंभ होने लगा सभी ये देख के आश्चर्य थे | इस प्रयोग ने ये सिद्ध कर दिया कि विद्युत धारा के प्रवाह से चुम्बकीय विचलन उत्पन्न किया जा सकता है | जिससे विज्ञान की एक नई कहानी शुरू हुई जिसे आज हम विद्युत चुम्बकत्व (Electromagnetism) के नाम से जानते है।

इस सिद्धांत का प्रयोग आज हम अपने रोजमर्रा के कामों और घरेलू उपकरणों में करते है | जिससे हमारा जीवन सुगम और आरामदायक बन गया है। जैसे सीलिंग फैन, एम्मीटर, वाशिंग मशीन इत्यादि हैंस क्रिश्चियन Ørsted के इसी खोज के सिद्धांत पर कार्य कर रही है | इस खोज से पहले सभी ये सोच रहे थे कि विद्युत धारा और चुम्बकत्व दोनो एक दूसरे से बिल्कुल अलग है, लेकिन इस सिद्धांत ने ये सिद्ध कर दिया कि विद्युत धारा और चुम्बकत्व दोनो एक दूसरे से घनिष्ठ संबंध रखते है | विद्युत धारा के प्रवाह से चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है जिससे चुम्बकीय विचलन होता है। 1822 में ओर्स्टेड रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस में एक सक्रिय मेंबर के रूप में नियुक्त हुए |

अमेरिकन फिलोसॉफिकल सोसायटी में 1829 में नियुक्त हुए और 1849 में अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में , ओर्स्टेड  1851 में दुनिया से विदा हो गए ।

योगदान उपलब्धियां

हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड के योगदान के लिए संपूर्ण विश्व उनका ऋणी रहेगा, आज उन्ही के प्रयासों के कारण Electromagnetism विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र के बारे में जानकारी प्राप्त हो पाई है | 1825 में ओर्स्टेड ने एल्यूमिनियम के शुद्ध रूप को दुनिया के सामने रखा जिसका रसायन विज्ञान के क्षेत्र में एक अद्भुत खोज मानी जाती है | हैंस क्रिश्चियन को 1820 में कोपले मेडल से सम्मानित किया गया। हैंस के कारण ही आज अनेक तथ्यों और जानकारियों का निर्माण हो पाया, जिसका प्रयोग आज अनेक घरेलू यंत्रों के निर्माण में हो रहा है जैसे पंखा, मोटर आदि।

निष्कर्ष

हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड की विश्व के इतिहास में एक अद्भुत खोज मानी जाती है | उनके द्वारा किए गए कार्य और शोध ने मानव जीवन को सरल सुगम और आरामदायक बनाया है | उनके ही कारण आज हम विद्युत और चुम्बक में सम्बद्ध को देख पा रहे है | उनके पहले ये माना जाता था की विद्युत और चुम्बकीय क्षेत्र दोनो एक दूसरे से अलग है, लेकिन हैंस ने ये सिद्ध कर दिया की ये दोनो एक दूसरे से जुडे है और उनका प्रभावी रूप से उपयोग भी किया जा सकता है।

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