Paul Ehrlich

Paul Ehrlich biography in hindi

पॉल एर्लिच की जीवनी

परिचय (Introduction)

  • पॉल एर्लिच  नोबल पुरस्कार विजेता एक जर्मन यहूदी चिकित्सक और वैज्ञानिक थे, पॉल एर्लिच ने इम्यूनोलॉजी, हीमेटोलॉजी, और कीमोथेरेपी के क्षेत्र में प्रमुखता से कार्य किया।
  • इनके प्रमुख शोध कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण सफलता इन्हें सिफिलिस नामक रोग के सफल उपचार के लिए आर्सफे अमीन नामक दवा के खोज से प्राप्त हुई।
  • बैक्टीरिया के ग्राम अभिरंजन या ग्राम प्रणाली के अग्रगामी तकनीकी के खोज में इन्हे अभूतपूर्व सफलता मिली, ऊतक के अभिरंजन प्रणाली के खोज के कारण रक्त के विभिन्न कोशिकाओं में आसानी से विभेद किया जा सका जिससे कई असाध्य रक्त जनित रोगों का पता किया जा रहा है।

जीवन

प्रारंभिक जीवन (Early Life)

  • पॉल एलिर्च का जन्म strzelin  पोलैंड में हुआ था, उनके पिता इसमार एहरलिच यहुदी समुदाय के एक नेता और मद्य निर्माण का कार्य किया करते थे वो लॉटरी का भी कार्य करते थे। पॉल अपने पिता के दो संतानों में दूसरी संतान थे।
  • पॉल के दादा जी हेयमन अर्लिच  काफी प्रभावशाली लोगों में शामिल थे वे एक सफल डिस्टलर थे।
  • माध्यमिक विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करके के बाद पॉल मरिया मगदलेनें जिम्नेशियम सेकेंडरी स्कूल, ब्रेसलाऊ में दाखिला लिया। जहां पॉल अल्बर्ट नीसर से मिले जिनसे वे काफी प्रभावित हुए।
  • 1882 में अपने डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करने के बाद पॉल बर्लिन में थिओडोर फ्रेरीच्स के साथ असिस्टेंट मेडिकल डायरेक्टर के पद पर कार्य किया। थिओडोर जो एक्सपेरिमेंटल क्लीनिकल मेडिसिन के जनक माने जाते है।
  • पॉल ने हेडविग पिंकुस (Hedwig pinkus) से शादी की 1883 में । पॉल की दो बेटियां स्टेफनी और मैरियन हुई, हैडविग मैक्स पिनकुस की बहन थी जो एक neusta dt में एक टेक्सटाइल फैक्टरी के मालिक थे। अपने चिकित्सकीय शिक्षा charite मेडिकल स्कूल और हॉस्पिटल में  पूरा करने के बाद पॉल बर्लिन से वापिस आ गए।

जीवन संघर्ष (life struggle)

  • पॉल 1889 में मिस्र और कई और अन्य देशों की चिकित्सकीय यात्रा पर गए, वहा उन्हे क्षय रोग tuberclosis के रोकथाम पर कार्य किया और विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण भी किया।
  • अपनी मिस्र यात्रा से लौटने पर पॉल ने बर्लिन में एक लेबोरेटरी शोध शाला और प्राइवेट प्रैक्टिस क्लिनिक आरंभ किया।
  • 1891 में रॉबर्ट कोच ने ehrlich को बर्लिन इस्टीट्यूट ऑफ इन्फेक्शियस डिजीज में काम करने के लिए आमंत्रित किया जहा 1898 में एक नईं शाखा the institute for serum research testing की स्थापना की गई पॉल अर्लिच उसके संस्थापक सदस्य और प्रथम डायरेक्टर थे।
  • 1904 में Ehrlich यूनीवर्सिटी ऑफ गोटिंगें में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुए।
  • 1909 में प्रथम सफल दवा की खोज हुई एक विशेष रोग सिफीलिस के लिए जिसका नाम था salvarsan
  • तत्कालीन समय में ये एक सबसे घातक साबित होने वाली बीमारी थी।
  • पॉल ने ही magic bullet की अवधारणा को संपूर्ण विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया।
  • 1914 में पॉल को यूनीवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के द्वारा कैमरन पुरस्कार से सम्मानित किया गया, पॉल की शोध शोध संस्थान का  1947  में नाम paul Ehrlich institute कर दिया गया। पॉल अर्लिच ने chemotherapy के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है।
  • 17 अगस्त 1915 को पॉल Ehrlich का  दिल का दौड़ा पड़ा और 20 अगस्त को उनका निधन हो गया।

योगदान उपलब्धियां ( Contribution and Achievements )

  • पॉल अर्लिच  ने ही पहली बार सिफीलिस नाम रोग के रोकथाम के लिए arsphenamine (salvarsan) नामक सफल उपचार की खोज की थी, पॉल ने रोगप्रतिरोधक क्षमता पर भी कार्य किया | 1908 में पॉल को चिकित्सा का नोबल पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • पॉल Ehrlich ने ही magic bullet की अवधारण प्रस्तुत की, पॉल ने हीमेटोलोजी, इम्यूनोलॉजी और कीमोथेरेपी के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है।
  • रिकेट्सियल एक बैक्टीरिया के जीनस को पॉल Ehrlich के नाम पर ही रखा गया है।
  • पॉल Ehrlich,paul Ehrlich institute जो की एक जर्मन रिसर्च संस्था है के संस्थापन और पहले डायरेक्टर भी थे।
  • पॉल को उनके वैज्ञानिक शोधों और अध्ययनों के लिए विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए हैं जो निम्न है…

—>चिकित्सा का नोबल 1908 मे

—>कैमरन पुरस्कार 1914 में एडिनबर्ग यूनीवर्सिटी द्वारा

निष्कर्ष (Conclusion)

  • पॉल Ehrlich ने अपने कार्यों से संपूर्ण मानव जीवन को लाभान्वित किया उनके द्वारा किए गए शोधों के लिए संपूर्ण विश्व उनका ऋणी रहेगा।
  • पॉल ने चिकित्सा के क्षेत्र में प्रमुखता से कार्य किया और अनेक सकारात्मक परिणाम देखने को मिले, पॉल अपने समकालीन वैज्ञानिक समक्ष पेश में श्रेष्ठ थे।
  • उनका संपूर्ण जीवन मानवता के कल्याण में उपयोग हुआ।
  • पॉल ने अनेक तथ्यों और जानकारियों को दुनिया के सामने रखा जिससे विज्ञान के क्षेत्र में एक अद्भुत क्रांति का परिमार्जन हुआ।

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